दृष्टिहीनों की शिक्षा

ब्रेल लिपि (दृष्टिहीनों की शिक्षा)

      

         

दृष्टिहीनों की शिक्षा
ब्रेल लिपि

       
ब्रेल पद्धति एक तरह की लिपि है जिसे दुनिया भर के नेत्रहीनों को पढ़ने और लिखने में स्पर्शकर व्यवहार में लाया जाता है। 
 इस पद्धति का  आविष्कार सन821 में एक फ्रांसीसी लेखक ब्रेल ने किया था। अलग-अलग अक्षरों या संख्याओं को विरामांकनों से दर्शाया जाता है।

में आपको नेत्रहीनों की शिक्षा के बारे में जानकारी दे रही हूं ।मुझे आशा है कि इससे आपके ज्ञान में वृद्धि होगी कल ही हमारी कक्षा में राव ने प्रवेश लिया है ।वह नेत्रहीन है। सामान्य रूप से वह अन्य बालकों के समान ही दिखाई देता है, बस वह हमारी तरह देख नहीं पाता है।
  हमने अपनी अध्यापिका से पूछा था कि वह आँखों के बिना कैसे होगी तब हमारी अध्यापिका ने बताया कि रवि जैसे दृष्टिहीन लड़के एक विशेष लिपि द्वारा पढ़ते हैं। इस लिपि को ब्रेल लिपि  कहा जाता है। इस लिपि का आविष्कार लुई ब्रेल ने किया था। अतः इस लिपि को ब्रेल लिपि कहा जाता है ।इस लिपि में एक विशेष औजार सुई की नोक से मोटे कागज पर बिंदुओं पर उभारकर अक्षर बनाए जाते हैं। ब्रेल लिपि में 6 बिंदु होते हैं इनको विभिन्न रूपों में मिलाकर अक्षर उभारे जाते हैं इन अक्षरों पर दृष्टिहीन उंगली फेर कर आसानी से विषय वस्तु को पढ़ लेते हैं।
              

दृष्टिहीनों की शिक्षा
लुई ब्रेल

अब मैं तुम्हें लुई ब्रेल के बारे में बताना चाहूंगी ।लुई ब्रेल का जन्म पेरिस के निकट एक कस्बे में 4 जनवरी सन 1809 को हुआ था ।बाल अवस्था में पिता की कार्यशाला में एक नुकीले औजार से आंख में चोट लग जाने के कारण उनकी दृष्टि सदा के लिए जाती रही ।पर लुई ने हार नहीं मानी ।उनके पिता ने उनके लिए एक पतली छड़ी बना दी ।इसके सहारे वह अपना रास्ता खोजने लगे सन 18 19 में वह पेरिस के एक स्कूल में पढ़ने के लिए गए ।यह ब्लाइंड स्कूल था। यहां पर पढ़ाई करते हुए उन्होंने

चमड़े की चप्पलें बनाने तथा कुर्सी बनाने का काम सीखा ।शाम के समय लुई पियानो बजाता था। वहीं रहकर लुई ने 15 वर्ष की आयु में इस क्रांतिकारी लिपि का आविष्कार कर दिखाया।
     
  लुई ने 19 वर्ष की आयु में पढ़ाई पूरी कर ली ।इसके पश्चात लुई को वहीं शिक्षक के पद पर कार्य करने का अवसर मिल गया ।लुई ने सामान्य पुस्तकों को ब्रेल लिपि में लिखने के लिए अथक परिश्रम किया ।इस प्रकार उन्होंने नेत्रहीनों के अंधकारमय जीवन में प्रकाश की किरण बिखेर दी।
 

दृष्टिहीनों की शिक्षा
लुई ब्रेल

यह रवि भी बहुत परिश्रमी है। उसके पास एक सफेद छड़ी है ।वह इसकी सहायता से अपना रास्ता स्वयं ढूंढ लेता है ।हम सभी पढ़ाई में उसकी मदद करेंगे। हम उसे पुस्तक पढ़कर सुनाएंगे ।वह अध्यापिका के पढ़ाए पाठ को टेप रिकॉर्डर पर रिकॉर्ड कर लेता है। और एकांत में बैठकर बार-बार सुनता रहता है ।

        तुम्हें यह जानकर आश्चर्य होगा कि यह दृष्टिहीन बड़े आत्मविश्वास के साथ अपनी जीविका कमाते हैं ।यह शिक्षक ,वकील, पत्रकार ,संगीतज्ञ के रूप में सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। इनकी सहायता करना हमारा कर्तव्य है।
          आशा है मेरा संकेत समझ गए होंगे।
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