महात्मा गौतम बुद्ध की प्रेरणादायक कहानी

 

महात्मा गौतम बुद्ध की प्रेरणादायक कहानी


महात्मा गौतम बुद्ध की प्रेरणादायक कहानी
महात्मा गौतम बुद्ध

  

एक समय की बात है एक बेघर इंसान था।जो खाना इकट्ठा करता था और उसी से अपना जीवन यापन करता था। एक दिन उसने ध्यान दिया कि जो खाना वह ढूंढ कर लाता है। उसे कोई चुपके से खा जाता है। एक दिन उसने अपना खाना खाने वाले को पकड़ा वह कोई इंसान नहीं बल्कि एक चूहा था 

उसने चुहे से कहा तुम मेरा खाना क्यों खा रहे हो मैं एक बेघर इंसान हूं। तुम जाकर किसी अमीर के यहां खाना चुरा कर खाओ किसी को पता भी नहीं चलेगा।चूहे ने कहा मेरे भाग्य में यही है कि मैं आपका खाना खाऊं ।उस बेघर इंसान ने पूछा क्यों?चूहे ने कहा क्योंकि यही तुम्हारे भाग्य में है ।कि तुम कितनी भी मेहनत कर लो किंतु तुम आठ चीजों से अधिक नहीं रख सकते हो।

 यह सुनकर उस गरीब को आघात लगा उसने कहा है। आखिरकार मेरी किस्मत इतनी खराब क्यों है ।इतने में चूहा बोला यह तो मुझे नहीं पता पर तुम अगर बुद्धा से पूछोगे तो वह तुम्हें जरूर बताएंगे।

यह सुनकर वह बेघर इंसान बुद्धा को ढूंढने निकल पड़ता है।सारा दिन चलने के बाद जब शाम होती है। और वह थक जाता है। तभी वह एक अमीर आदमी के घर के पास पहुंचता है।वह उस घर के पास आवाज देता है एक आदमी बाहर निकल कर आता है उससे पूछता है। कौन हैं आप।?

वह कहता है कि भाई अंधेरा हो गया है। क्या आप मुझे एक रात रहने देंगे घर के मालिक ने कहा ठीक है आओ अंदर आओ जैसे ही भिखारी अंदर आता है। वह आदमी उससे पूछता है? अरे भाई क्यों और कहां के लिए इतनी रात में यात्रा कर रहे हो। भिखारी कहता है मेरे पास बुद्धा के लिए सवाल है। और मैं उनसे मिलने जा रहा हूं।

महात्मा गौतम बुद्ध की प्रेरणादायक कहानी ३

इतने में उस अमीर आदमी की पत्नी बाहर आई। और उसने उसे बेघर इंसान से कहा अब तुम बुद्धा के पास जा रहे हो तो क्या हम तुम्हें एक सवाल दे सकते हैं बुद्धा से पूछने के लिए। भिखारी कहता है क्यों नहीं बताइए क्या सवाल है। वह कहती है कि मेरी सोलह साल की एक बेटी है।जो बोल नहीं सकती इसलिए वह बुद्धा से पूछना चाहती है कि वह ऐसा क्या करें कि वह बोलने लगे।

सुबह हुई और वह उनका आभार व्यक्त करके फिर अपने राह पर निकल पड़ा चलते -चलते वह एक पहाड़ों के झुंड की तरफ जाता है। और सोचता है कि वह कैसे इन पहाड़ों को पार करें और बुद्धा से मिलेगा ।अभी एक पहाड़ उसने पार ही किया था कि एक जादूगर उसे मिलता है। और वह उस जादुगर से पूछता है ।

 भाई साहब क्या आप मेरी मदद कर सकते हैं इसे पार करने में। जादूगर कहता है क्यों नहीं जरुर उस जादुगर के पास एक छड़ी थी।जिस पर बैठ कर दोनों पहाड़ के झुंड के ऊपर उडने लगे। फिर जादूगर उससे पूछता है। तुम कहां जा रहे हो और इन पहाड़ों को क्यों पार करना चाहते हो।उस भिखारी ने कहा मैं बुद्धा से अपने भाग्य के बारे में जानना चाहता हुं।

जादूगर कहता है कि कृपया मेरा भी एक सवाल है बुद्धा से पूछना ?मैं हजारों साल से यहां भटक रहा हूं। मुझे स्वर्ग जाना है। और मेरी शिक्षा के अनुसार मुझे अब तक स्वर्ग चले जाना था। क्या तुम बुद्धा से पूछा सकते हो कि मैं ऐसा क्या करुं।कि मैं स्वर्ग जा सकु।

उस भिखारी ने कहा- जरूर मै आपके लिए पूछूंगा। फिर जादूगर ने उसे उसके रास्ते छोड़ कर चला गया। फिर वह अपने सफ़र पर निकलता है।

   अब वह चलना शुरू करता है। फिर उसके सामने एक आखिरी रुकावट मिलती हैं।जो वह पार नहीं कर सकता। वह एक गहरी नदी थी वह नदी केेेे किनारे बैठ जाता है। सौभाग्य से उसे एक बड़ा कछुआ मिलता है।जो उसे नदी पार कराने में उसकी मदद करता है। भिखारी उस कछुए की पीठ पर बैठ जाता है।

दोनों सफर पर निकलते हैं। रास्ते में कछुआ उससे पूछता है। तुम कहां जा रहे हो।वह बताता है कि मैं बुद्धा से मिलने जा रहा हूं में उनसे एक सवाल पूछूंगा अपने भाग्य के बारे में। कछुआ कहता है क्या मेरे लिए तुम एक सवाल पूछोगे। बेशक क्या सवाल है। मैं पांच सौ साल से एक ड्रैगन बनने की कोशिश कर रहा हूं। और मेरी शिक्षा के अनुसार मुझे अब तक एक ड्रैगन बन जाना चाहिए था। क्या तुम बुद्धा से पूछोगे मुझे क्या करना पड़ेगा एक ड्रैगन बनने के लिए।

दोनों किनारे पर पहुंचते हैं वह कछुए को धन्यवाद करता है। और अपने सफर पर निकलता है। वह बेघर इंसान अपनी यात्रा शुरू करता है चलते चलते आखिर वह पहुंच जाता है।जहां बुद्धा रहते हैं ।

वहां पहुंचकर उसे आनंद की अनुभूति होती है ।बेघर इंसान बुद्धा के सामने पहुंचता है और उन्हें प्रणाम करता है। और कहता है हे महान बुद्धा मैं बहुत दूर देश से आया हूं मैं आपसे कुछ सवाल पूछ सकता हूं।

बुद्धा कहते हैं जरूर पूछ सकते हो परंतु मैं केवल तुम्हारे तीन सवाल का ही जवाब दूंगा। वह इंसान हैरान रह गया क्योंकि उसके पास चार सवाल थे वह सोचने लगा कि वह क्या करें।फिर उसने उस कछुए के बारे में सोचा कि वह पांच सौ साल से ड्रैगन बनना चाहता है।इतने साल गहरे पानी में कोई कैसे रह सकता है।

 फिर उसका ध्यान जादूगर की और जाता है।और सोच रहा था एक हजार साल से वह स्वर्ग जाना चाहता है।परंतु जा नहीं पा रहा इतने वर्ष कम नहीं होते इस धरती पर बिताना।

फिर वह उस गूंगी लड़की के बारे में सोचता है।कि उसकी तो सारी जिंदगी पड़ी है वह कैसे बिताई की सारी जिंदगी बिना बोले।अपने बारे में सोचता है कि मैं तो एक बेघर भिखारी हूं। मेरा क्या मैं तो अपने देश जाकर फिर भीख मांग कर अपना जीवन व्यतीत कर सकता हूं।

आखिरकार उसने अपने बारे में भूल कर उन तीनों के सवाल बुद्धा से पूछे ? बुद्धा ने कहा कछुआ अपनी ढांचे को छोड़ने तैयार नहीं जब तक वह अपने ढांचे के आराम से बाहर नहीं आएगा वह कभी ड्रैगन बन नहीं सकता। बुद्धा ने जादूगर के लिए कहा वह जादूगर अपनी छड़ी कभी नीचे नहीं रखता और वह एक आश्रय की तरह है। जो उसे स्वर्ग जाने से रोक रही है। और बुद्धा उस लड़की के बारे में कहते हैं कि वह जरूर बोलेगी जब वह अपने हमसफर से मिलेगी।

उसने महान बुद्धा को धन्यवाद किया। बुद्धा उसकी तरफ देखें और मुस्कुराए और बेघर इंसान बुद्धा को प्रणाम किया और अपने घर की तरफ वापस चल पड़ा। उसे वह कछुआ फिर से मिला।उसने पूछा क्या तुमने मेरा प्रश्न पूछा उसने कहा हां यदि तुम अपना ढांचा निकालते हो तो ड्रैगन बन जाओगे कछुए ने अपना ढांचा निकाला और वह एक ड्रैगन बन जाता है। पर उसके ढांचे कीमती हीरो से भरे थे जो गहरे समुद्र में मिलते थे ।उस कछुए ने इंसान से कहा यह हीरे मेरे किस काम के इसे तुम ही रखो भले इंसान। धन्यवाद तुम्हारा कह कर वह उड़ जाता है ।

आगे चलने पर उसे जादूगर मिलता है। और वह उसे कहता है कि बुद्ध ने कहा है कि आप अपने छड़ी नीचे रखनी होगी और आप स्वर्ग जा सकते हो।जादूगर अपनी छड़ी उसे देकर स्वर्ग चला जाता है।

फिर वह बेघर इंसान उनके घर गया। जहां उसे आश्रय मिला।उसे देखकर वह लोग खुश हो गए। और ज़वाब की उम्मीद करने लगे। उसने कहा महान बुद्धा ने कहा है कि आपकी बोलेगी जब वह अपने हमसफर से मिलेगी।

उसी क्षण उसकी बेटी आती है और अपने माता-पिता से पूछतीं है कि यह वही इंसान हैं जो कुछ दिन पहले आया था। लड़की और उसके माता-पिता सभी आश्चर्यचकित हुए। उनकी बेटी बोली और वे समझ गए कि यह वही इंसान है।

जिसके विषय में बुद्धा ने बताया है। उन्होंने उनकी शादी कर दी। दोनों खुशी से रहने लगे।

 यह कहानी यहीं समाप्त होती है।

    तो याद रखना दोस्तों इस संसार में तुम जो भी अच्छा करते हो वह तुम्हारे पास जरुर आता है।

जरुर पढें:- महात्मा गौतम बुद्ध की प्रेरणादायक कहानी मनुष्य की इच्छाशक्ति

      

Leave a Comment