Akbar Birbal Stories in Hindi अकबर और बीरबल

 

Akbar Birbal Stories in hindi कई किस्से जो बहुत मशहूर हैं। अकबर बीरबल की बुद्धिमत्ता को मानते थे। क्योंकि बीरबल के पास अकबर के हर प्रश्न का जवाब होता था इसी तरह इस कराने में भी बीरबल के पास अकबर के प्रश्नों का जवाब था ।

      

  एक बार अकबर ने बीरबल से पूछा ।बीरबल यह बताओ कि ईश्वर कहां है ?ईश्वर रहता कहां है ?और वह करता क्या है ?यह प्रश्न तो बहुत ही गंभीर था ।परंतु बीरबल ने अकबर से कहा कि जहांपनाह इसका जवाब हम कल देंगे। और सभा खत्म हुई सभी अपने घर को चले गए।
       

   बीरबल भी अपने घर आए और अपनी समस्या के विषय में अपने पुत्र से बात की बीरबल के पुत्र ने अपने पिता से कहा कल मैं भी सभा में चलूंगा और इस प्रश्न का जवाब भी मैं दूंगा।
    

 दूसरे दिन सभा शुरू हुई अकबर ने बीरबल को बुलाया तो संग में उसका पुत्र भी आया। बीरबल ने कहा जहांपनाह आज आपके प्रश्नों के जवाब मेरा पुत्र देगा ।अकबर ने बीरबल के पुत्र से पूछा, बताओ ईश्वर कहां है? बीरबल के पुत्र ने कहा जहांपनाह आप थोड़ा मीठा दूध मंगवाइए दुध लाया गया

          

     Akbar Birbal Stories in hindi   दूध लाया गया बीरबल के पुत्र ने जहांपनाह से कहा आप इसका स्वाद चख कर बताइए यह कैसा है। अकबर ने दूध चखाऔर कहा यह तो मीठा है ।उसने कहा इसमें तो चीनी पड़ी थी। वह कहां गई अकबर ने कहा वह तो घुल गई।

         

  बीरबल के पुत्र ने कहा जहांपनाह ठीक इसी तरह ईश्वर भी संसार की हर चीज में घुला हुआ है ।लेकिन दूध में खुली हुई चीनी की तरह दिखाई नहीं देता। अकबर इस जवाब से संतुष्ट हुए।

          

          अकबर ने दूसरा प्रश्न पूछा ईश्वर कैसे मिलता है। इस प्रश्न का जवाब देने के लिए बीरबल के पुत्र ने दही मंगवाया। बीरबल के पुत्र ने अकबर को देते हुए कहा जहांपनाह इसमें मक्खन दिखाई दे रहा है ।अकबर ने कहा दही में मक्खन तो है लेकिन दही मथने पर ही मक्खन निकलेगा। बीरबल के पुत्र ने कहा कि जहांपनाहं इसी तरह ईश्वर भी मन का मंथन करने पर ही मिल सकता है।अकबर इस जवाब से भी संतुष्ट हो गए। 

 

Akbar Birbal Stories in hindi    अकबर ने तीसरा प्रश्न पूछा बताओ ईश्वर करता क्या है ?बीरबल के पुत्र ने कहां इस प्रश्न के जवाब के लिए आपको मुझे अपना गुरु मानना पड़ेगा। अकबर ने कहा ठीक है अब से तुम मेरे गुरु हो मैं तुम्हारा शिष्य हूं।बीरबल के पुत्र ने कहा गुरु हमेशा ऊंचे स्थान पर बैठता है। और शिष्य हमेशा गुरु से नीचे बैठता है।अकबर तुरंत अपने सिंहासन से उठ गए। और बीरबल के पुत्र को सिंहासन पर बैठा कर खुद नीचे बैठ गए। बीरबल के पुत्र ने कहा देखा महाराज ईश्वर राजा को रंक और रंक को राजा बना देता है।अकबर इस जवाब से संतुष्ट हुए।

 

 

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