Global warming in Hindi ग्लोबल वार्मिंग किसे कहते हैं

Global warming in Hindi ग्लोबल वार्मिंग किसे कहते हैं

 

सामान्य अर्थों में ग्लोबल वार्मिंग का तात्पर्य पृथ्वी के औसत तापमान में वृद्धि से है।Global warming in hindi ग्लोबल वार्मिंग पूरे विश्व में एक बड़ा पर्यावरण और सामाजिक मुद्दा है। जिसका प्रमुख आशय वायुमंडलीय तापमान में वैश्विक वृद्धि का होना है,जिसमें धीरे-धीरे पृथ्वी की सतह और पूरे वातावरण जिसमें महासागर हिम शिखर आदि सहित सभी को Global warming के रूप में परिभाषित किया गया है।

global warming ke Karan in hindi ग्लोबल वार्मिंग के कारण क्या है

इस घातक चर्चित मुद्दे के पीछे सबसे अधिक हानिकारक कारण बड़े पैमाने पर ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन है। सबसे पहले १८२४ मे जोसेफ फ्रोरियर ने ग्रीन हाउस गैसों का पत्ता लिया। और उस पर चर्चा की। ग्रीन हाउस या हरित ग्रह प्रभाव यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसमें ग्रीनहाउस गैस के द्वारा इंफ्रारेड जो पृथ्वी पर आते हैं।उनका अवशोषण होता है और वायुमंडल का तापमान बढ़ जाता है।

इन हानिकारक गैसों के पीछे एक निंदनीय कारण आबादी में वृद्धि होना। और आधुनिक दुनिया में औद्योगिकीकरण की मांग और ऊर्जा का उपयोग होना ।ग्लोबल वार्मिंग का एक और अहम कारक ओजोन की परत में कमी अर्थात अंटार्कटिका में ओजोन परत में हो रही गिरावट है। जो सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों को रोकते हैं। आंकड़ों के मुताबिक यह अनुमान लगाया जाता है। कि ओजोन में छिद्र का आकार अंटार्कटिका के आकार से 2 गुना बड़ा हो रहा है ग्लोबल वार्मिंग के भयानक परिणाम से हिमनदों की संख्या में कमी आती है।जिससे तूफान अधिक हानिकारक हो जाते हैं

 

Effects of global warming in Hindi ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव

ग्लोबल वार्मिंग के दो तरह के प्रभाव पड़ेंगे एक प्राकृतिक रूप से और एक मानवीय रूप से
प्राकृतिक रूप से औसत तापमान में वृद्धि होना तापमान में वृद्धि होने से हमारी जलवायु में परिवर्तन होगा ।
जलवायु परिवर्तन जलवायु परिवर्तन से जिन क्षेत्रों में बारिश नहीं होती थी वहां बाढ़ आएगी। सूखा पड़ने लगेगा चक्रवात बार बार आएगा आपदा संबंधी घटनाएं अधिक होंगी
     ग्लेशियर पिघलने से नदियों के पानी में वृद्धि होगी और बाढ़ जैसी स्थिति बनेगी समुद्र तल में वृद्धि होगी नदियों का पानी जब समुद्र में जाएगा तो समुद्र के तल में वृद्धि होगी समुद्र के किनारे रहने वाले लोगों को पलायन का सामना करना पड़ेगा उपजाऊ भूमि और कई द्वीप समुद्र के तल में समा जाएंगे जैव विविधता तापमान में वृद्धि होने से जैव विविधता भी समाप्त हो जाएगी ग्लोबल वार्मिंग से मानव के ऊपर क्या प्रभाव पड़ेंगे मानव में विभिन्न प्रकार के लोगों की वृद्धि होगी जैसे ही तापमान में वृद्धि होगी अलग-अलग प्रकार की बीमारियां पड़ेंगे जलवायु परिवर्तन की वजह से कृषि क्षेत्र में भारी नुकसान होगा ।

कहीं बारिश ज्यादा तो कहीं नहीं होगी जिसे सूखा और अकाल की बढ़ोतरी होगी फसलों की पैदावार में कमी होगी और इससे मानव में भुखमरी की और गरीबी की स्थिति बनेगी समुद्री क्षेत्र में जल का स्तर बढ़ने से जल बाहर निकलकर स्थलीय क्षेत्रों में फैलेगा जिससे लोगों की आवास की समस्या उत्पन्न होगी। ग्लेशियर के पिघलने से नदियों में बाढ़ की समस्या उत्पन्न होगी वर्षा की मात्रा कम होने से खेती पर असर पड़ेगा ।इस तरह से ग्लोबल वार्मिंग का असर विश्व पर इससे भी अधिक होगा।

Global warming rokne ke prayas in Hindi ग्लोबल वार्मिंग रोकने के प्रयास

ग्लोबल वार्मिंग रोकने की तीन तरह के प्रयास हो सकते हैं एक वैश्विक स्तर पर दूसरा देश के स्तर पर और तीसरा मानवीय स्तर पर विश्व के स्तर पर ऐसे कई सम्मेलन किए गए। भारत सरकार द्वारा वृक्षारोपण को प्रोत्साहन दिया जाना जंगली क्षेत्रों को संरक्षण दिया गया नवीनीकरण ऊर्जा को बढ़ावा देना प्रदूषण के रोकथाम के लिए स्वच्छता मिशन चलाया जाता है।
यह सारे कार्यक्रम कहीं न कहीं ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए किए जाने वाले प्रयास है ।मानवीय स्तर पर व्यक्ति को खुद भी ग्लोबल वार्मिंग रोकने का प्रयास करना चाहिए। उन्हें अपने घरों में ऊर्जा का कम उपयोग करना चाहिए। प्रदूषण कम करना चाहिए ।वृक्ष लगाने चाहिए जल का दोहन नहीं करना चाहिए।ग्लोबल वार्मिंग रोकने के लिए कई जागरूकता कार्यक्रम किए गए ।जिसमें सरकारी एजेंसियां व्यापार जगत के नेताओं और गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा कई कार्यक्रम चलाए गए।
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