Hindi story of Akbar and Birbal अकबर बीरबल की रोचक कहानी

 

अकबर बीरबल की कहानी हिंदी में एक दिन की बात है।बादशाह अकबर का दरबार लगा था। जिसमें दो औरतें आई और उनके साथ एक बच्चा भी था। दोनों औरतें बहुत ही जोर-जोर से रो रही थी।

उनमें से एक औरत ने कहा! जहांपनाह यह संतान मेरी है।यह मेरा पुत्र है मैं बहुत है बीमार थी,और अपने पुत्र की देखभाल नहीं कर पाती थी ।इसलिए मैंने अपनी बीमारी के दौरान अपने पुत्र को अपनी सहेली के पास छोड़ दिया था।कि जब मैं ठीक हो जाऊंगी तो मैं इसे ले आऊंगी।

परंतु अब मैं स्वस्थ हो गई हूं। और मैं अपना पुत्र लेने गई तो यह मुझे नहीं दे रही है। मुझे देने से इंकार कर रही है।
इस पर दूसरी औरत ने बादशाह अकबर से कहा यह झूठ बोल रही है । यह मेरा पुत्र है मैं इसकी मां हूं और यह इसी तरह सभी जगह यही कहानी सुनाती है। और मेरे पुत्र को अपना बनाना चाहती हैं।


बादशाह अकबर सोच में पड़ गए। कि किस तरह औरतों को न्याय दिलाया जाए तब उन्होंने अपने सबसे बुद्धिमान मंत्री बीरबल को बुलाया। दोनों को सुनकर बीरबल ने कहा जहांपनाह। यह दोनों औरतें इस बच्चे की मां होने का दावा कर रही है। इसलिए इन दोनों औरतों को बच्चे को दे देना चाहिए

अकबर बीरबल की कहानी हिंदी में

बादशाह अकबर ने बीरबल की तरफ देख कर बोला एक बच्चा दोनों के बीच कैसे बांटा जाए। बीरबल ने तभी द्वारपाल को बुलाया और बच्चे को पकड़कर द्वारपाल से कहा इसे कसाई के पास ले जाओ और इस बच्चे के दो टुकड़े बराबर भाग में कटवा कर ले आवो ।

दोनों ही औरतें जोर-जोर से चिल्लाने लगी पहली औरत ने रोते हुए हाथ जोड़कर बादशाह अकबर से विनती की इस बच्चे को इसी औरत के पास रहने दीजिए।मुझे नहीं चाहिए पर इस के टुकड़े मत कीजिए मैं नहीं देख पाऊंगी। दूसरी औरत ने कहा ऐसा मत कीजिए जहांपनाह।
बीरबल मुस्कुराए और बोले जहांपनाह यह बच्चा इस पहली औरत का है दुनिया की कोई भी मां अपने बच्चे का बुरा होते हुआ नहीं देख सकती। चाहे उसके लिए उसे अपनी ममता की कुर्बानी ही न देनी पड़े। इसीलिए कहा गया है।मां से बढ़कर कोई नहीं होता।
  दरबार में उपस्थित सभी लोगों ने बीरबल की इस फैसले की तारीफ की बादशाह अकबर खुश हुए। और उन्होंने बी
रबल को इनाम दिया

 

जरुर पढें:

Kids story in hindi

गर्म पानी पीने के फायदे और नुक्सान

Health tips in hindi

विक्रम वेताल की रोचक कहानी

Leave a Comment