Essay On Pollution In Hindi. पर्यावरण पर निबंध हिंदी में

 Essay On Pollution In Hindi 

 On Pollution In Hindi प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन चुका है। यह सिर्फ हमारे देश की ही नहीं, यह एक अंतरराष्ट्रीय समस्या है। जिसकी चपेट में पृथ्वी पर रहने वाले सभी जीव जंतु और अन्य निर्जीव पदार्थ भी आ गए हैं। इसका दुष्प्रभाव चारों ओर दिखाई दे रहा है। प्रदूषण का शाब्दिक अर्थ है कि प्रकृति का संतुलन खराब होना,जीवन के लिए जरूरी चीजों का दूषित हो जाना जाना, जैसे स्वच्छ जल नहीं मिलना, स्वच्छ वायु नहीं मिलना, और प्रदूषित माहौल का पैदा होना।

 प्रदूषण के प्रकार :- प्रदूषण के कुछ सबसे महत्वपूर्ण प्रकार, वायु प्रदूषण ,जल प्रदूषण, मृदा प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण है।

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वायु प्रदूषण:- वायु प्रदूषण को सबसे खतरनाक प्रदूषण माना जाता है। इस प्रदूषण का मुख्य स्रोत उद्योगों और वाहनों से निकलने वाला धुआं है।और इन स्त्रोतों से निकलने वाला हानिकारक घुंआ लोगों के लिए सांस लेने में बाधा उत्पन्न करता है ।दिन प्रतिदिन बढ़ते उद्योगों और वाहनों से वायु प्रदूषण में काफी वृद्धि हो गई है । जिससे ब्रोंकाइटिस और फेफड़े से संबंधित कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं खड़ी कर दी है ।

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जल प्रदूषण :– जल प्रदूषण भी सीधे समुद्र के जीवन को प्रभावित करने वाला एक बड़ा मुद्दा है। क्योंकि वे केवल अपने जीवित रहने के लिए पानी में पाए जाने वाले पोषक तत्व पर निर्भर रहते हैं। समुद्री जीवन का धीरे-धीरे गायब होना वास्तव में इंसानों और जानवरों की आजीविका को प्रभावित करेगा कारखानों, उद्योगों, सीवेज सिस्टम आदि में निकलने वाले हानिकारक कचरे कि सीधे पानी के मुख्य स्रोतों जैसे नदियों,झीलों और महासागरों में डाला जाता है।जिससे पानी दूषित हो जाता है,और दूषित पानी पीने से विभिन्न प्रकार के रोग पैदा हो रहे हैं। कारखानों से निकलने वाला प्रदूषित पानी हानिकारक है। पानी के मुख्य स्त्रोत जैसे नदिया झीलें, महासागरों में डाला जाता है ।जिससे पानी प्रदूषित हो जाता है, दूषित पानी पीने के विभिन्न जल जनित रोग हो जाते हैं।

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मिट्टी प्रदूषण :मिट्टी प्रदूषण, मृदा प्रदूषण उर्वरकों, फफूंदनाशक ,कीटनाशकों और अन्य रासायनिक यौगिक यह मिट्टी पर पैदा होने वाली फसल को दूषित करते हैं और जब इनका सेवन किया जाता है तो इससे गंभीर स्वास्थ्य खतरे हो सकते हैं।

ध्वनि प्रदूषण:- ध्वनि प्रदूषण का स्त्रोत भारी मशीनरी वाहन रेडियो टीवी स्पीकर आदि से उत्पन्न होने वाले शोर हैं जो सुनने मे समस्या और बहरेपन का कारण बनता है।

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प्रदूषण की रोकथाम के उपाय :- 

वायु प्रदूषण को रोकने के लिए हमें अधिक मात्रा में पेड़ लगाने चाहिए साथ ही जहां पर पेड़ों की कटाई हो रही है वहां पर रोक लगाने चाहिए। जल प्रदूषण को कम करने के लिए हमें साफ सफाई की ओर अधिक ध्यान देना चाहिए। साथ ही जहां पर पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हो रही वहां पर रोक लगानी चाहिए।

जल प्रदूषण के लिए वह भी फैक्ट्रियां और कारखाने जिम्मेदार हैं उन को बंद कर देना चाहिए। ध्वनि प्रदूषण अधिकतर मानव द्वारा फैलाया जाने वाला प्रदूषण है। यदि हमने प्रदूषण के नियंत्रण को नजरअंदाज किया तो यह समस्या मानव जीवन व अन्य प्राणियों के लिए एक बड़ा खतरा बन जाएगी।

हमारी आने वाली पीढ़ी शुद्ध भोजन हवा पानी आदि अनेक चीजों के लिए तरसेंगे इसलिए हमें पर्यावरण संरक्षण की तरफ कदम बढ़ाने होंगे। तथा जन-जन में प्रदूषण नियंत्रण संबंधी जानकारी के प्रति जागरूकता फैलाने होगी ।अगर हम स्वयं अपने वाहनों के हॉर्न को बजाना बंद करें और मशीनों की नियमित रूप से अगर देखभाल करें तो इनसे आवाज नहीं आएगी ।और ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी।

 कृषि के लिए रासायनिक खाद के स्थान पर जैविक खाद ,हरी खाद ,खली की खाद ,गोबर खाद आदि का इस्तेमाल करना चाहिए ।जब तक हमारे पूरे देश के लोग जागरूक नहीं होंगे तब तक किसी भी प्रकार के प्रदूषण को कम करना नामुमकिन है।

 

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