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 एकता में शक्ति  

Moral stories in hindi बहुत समय पहले कबूतरों का एक दल आकाश में उड़ता जा रहा था। वह भोजन की तलाश में थे तभी उनमें से एक कबूतर ने नीचे जमीन पर एक जगह दाने बिखरे हुए देखें वह नीचे उतर कर दाना चुगना चाहते थे, पर उनका सरदार बोला-“सावधान! इतने बड़े जंगल में अनाज के दाने कहां से आए- इस पर सोचना होगा अवश्य ही यह किसी शिकारी या बहेलिया की चाल है।उसने जंगल में जाल अवश्य फैलाया है, इसलिए नीचे उतरने से पहले शांत मन से मेरी बात पर विचार करो।” कबूतर भूखे थे अतः उन्होंने अपने सरदार की बात नहीं मानी और वे जमीन पर उतर गए ।
 
जैसे ही उन्होंने दाना चुनना प्रारंभ किया, वैसे ही उन्हें पता चल गया कि वह किसी बहेलिया के जाल में फंस गए हैं ।अब तो वे कबूतर बहुत ही घबरा गए उनमें से एक ने हिम्मत करके सरदार से कहा-” सरदार हमने तुम्हारी बात नहीं मानी इसका परिणाम यह हुआ कि हम जाल में फंस गए हैं।अब तुम्हीं कोई ऐसा उपाय बताओ जिससे हम सबकी जान बच सके।”
Moral stories in hindi
कबूतरों का सरदार बहुत बुद्धिमान था वह बोला-“बिना सोचे समझे काम करने का यही परिणाम होता है फिर भी संकट पड़ने पर साहस से काम लेना चाहिए।संकट में घबराने वाले,संकट में हिम्मत हार जाने वाले कभी उससे छुटकारा नहीं पा सकते।अब ध्यान से सुनो यदि हम सब एक साथ जोर लगाकर उड़े तो हम सब जाल को भी लेकर उड़ सकते हैं यहां से थोड़ी दूर पर मेरा एक मित्र चूहा रहता है।संकट के समय मित्र ही काम आता है।वह जाल की रस्सियों को काट देगा और हम सब बंधन मुक्त हो जाएंगे।अब जल्दी करो वरना बहेलियां आ जाएगा।”
 
तभी उन्हें एक बहेलिया अपनी ओर आता दिखाई दिया सभी कबूतरों ने एक साथ जोर लगाया और वे जाल को लेकर उड़ गए 
 
बहेलियां कुछ दूर तक भागा मगर वह कबूतरों का पीछा नहीं कर सका ।
शिक्षा
 
तो बच्चों! आपने देखा एकता में कितनी शक्ति होती हैं।
 

                       एक शेर और चार बैलों की कहानी

 
Moral stories in hindi तुमने एक शेर और चार बैलों की कहानी भी अवश्य पढ़ी होगी।
 
किसी जंगल में चार बैल रहते थे। वह सभी आपस में मेलजोल से रहते थे।उनकी एकता के कारण जंगल के राजा शेर की हिम्मत भी नहीं होती थी कि वह उन्हें कुछ कह सके उसे डर था कि यदि उसने कुछ कहा तो वे चारों मिलकर उस पर टूट पड़ेंगे ।
 
जंगल के राजा शेर ने उन्हें मारने का एक उपाय सोचा। उसने एक एक करके चारों बैलों को अलग-अलग बुलाया और कहा-“दूसरा बैल तुमसे अधिक घास खाता है ।उसका ऐसा करना ठीक नहीं है ।”इससे उन चारों में फूट पड़ गई और वे अलग अलग रहने लगे।
 
एक दिन मौका पाकर शेर एक बेल पर झपटा। तीनों ने उसकी कोई मदद नहीं की और उसे शेर खा गया ।शेर इसी तरह एक-एक कर चारों बैलो को खा गया ।
 
तो बच्चों!अब तुम भॉलि-भांति इस बात को समझ गए होंगे कि एकता ना रहने पर इसी प्रकार हानि उठानी पड़ती है ।
 
ध्यान रखो जिस देश के निवासियों में एकता नहीं वह देश पर परतंत्र हो जाता है ।इसलिए मिल-जुल कर रहना सीखो। हमारे देश में तो एकता होना और भी आवश्यक है। यहां अनेक धर्म के लोग रहते हैं ।अतः सबको मिलजुल कर ही रहना चाहिए।
 
शिक्षा
 
हमें सदैव चुगलखोर से जहां तक हो सके बचना चाहिए तथा सबको मिलजुल कर ही रहना चाहिए। कहां भी जाता है कि “एकता में बहुत शक्ति होती है।”
 

         सच्चे मित्र (Best Friend)

हर व्यक्ति को एक अच्छे मित्र की आवश्यकता होती है मित्र हमारे जीवन में सूर्य के प्रकाश की भांति होता है। प्रत्येक व्यक्ति की यही इच्छा होती है कि उसका कोई मित्रों तथा वह भी किसी को मित्र बने। लेकिन सच्चे मित्र की खोज करना बहुत कठिन है यह जरूरी नहीं है कि आपने जिस से मित्रता की है वह एक अच्छा मित्र हो ।वास्तव में सच्चे मित्र का पता दुख के समय में लगता है ।सुख में बहुत से लोग हमारे मित्र बन सकते हैं।लेकिन सच्चा मित्र वही होता है जो कि दुःख के समय हमारे काम आता है।
 
सच्चा मित्र अपने मित्र के लिए सब कुछ निछावर करने के लिए तैयार रहता है। सच्चे मित्र का प्रेम भी निस्वार्थ होता है ।और बदले में किसी लाभ की इच्छा नहीं रखता। स्वार्थी मित्र लाभ की अपेक्षा हानि पहुंचाता है।जो मित्र के सुख में सुख और दुख में दुख महसूस करता है वही वास्तव में सच्चा मित्र होता है। सच्चा मित्र अपने मित्र को अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित करता है तथा उससे बुरे कार्य करने से बचाता है।
 
तो चले इस सच्ची मित्रता पर एक कहानी पढ़ते हैं ।
 
बहुत समय पहले की बात है एक गांव में दो मित्र रहते थे एक का नाम प्रकाश और दूसरे का चंदू था। एक दिन दोनों ने शहर जाकर कोई काम करने की सोची ।दोनों मित्र अपने घर से शहर की ओर चल दिए गांव से थोड़ी दूर एक घना जंगल पड़ता था।
 
 जंगल से होकर ही शहर का रास्ता जाता था। जंगल में बहुत से जंगली पशु रहते थे जब दोनों मित्र जंगल से होकर जा रहे थे तो अचानक उन्हें सामने से एक भालू आता दिखाई दिया। दोनों मित्र भालू को देखकर घबरा गए। वे सोचने लगी कि अब क्या किया जाए जिससे भालू से हमारी जान बच सके। भालू और उनके बीच की दूरी पल पल कम होती जा रही थी। उसको अपनी ओर आता देख कर उनकी सांसे मानो थम सी गई थी। 
 
प्रकाश बहुत चालाक था वह भालू को निकट आता देखकर तुरंत भाग कर एक वृक्ष पर चढ ।गया चंदू वृक्ष पर चढ़ना नहीं जानता था उसने वृक्ष पर चढ़ने की बहुत कोशिश की लेकिन असफल रहा उसने अपने मित्र से कहा प्रकाश कृपया वृक्ष पर चढ़ने में मेरी सहायता करो परंतु प्रकाश ने उसकी बात का कोई उत्तर नहीं दिया यह देखकर चंदू को प्रकाश के ऊपर बहुत क्रोध आया उसने सोचा कि यह तो मित्र कहलाने के लायक ही नहीं है।
 
चंदू बहुत परेशान था उसे भालू से बचने का कोई उपाय नहीं सूझ रहा था तभी उसे ध्यान आया कि भालू मरे हुए प्राणी को नहीं खाता वह तुरंत सांस रोककर भूमि पर लेट गया वह भूमि पर लेटा हुआ ऐसा लग रहा था कि मानो वह मृत पड़ा हुआ है।
 
भालू भूमि पर लेटे चंदू के पास आया। उसने उसे सुघंकर देखा। भालू ने सोचा कि यह तो मृत है। अतः भालू उसे सुघंकर आगे चल दिया।वृक्ष पर बैठा प्रकाश यह सब देख रहा था भालू के चले जाने के बाद वृक्ष से नीचे उतरा चंदू के पास आकर बोला -“मित्र!भालू चला गया अब उठ जाओ ।”
 
चंदू ने अपनी आंखें खोली और खड़ा हो गया प्रकाश चंदू से मजाक करते हुए कहा-“मित्र भालू तुम्हारे कान में क्या कह रहा था।”
 यह सुनकर चंदू के क्रोध का ठिकाना न रहा उसने प्रकाश से कहा-” भालू ने मुझे झूठे और कपटी मित्र पर कभी भी विश्वास ना करने की सलाह दी है।” 
 
प्रकाश यह सुनकर बहुत लज्जित हुआ। उसने चंदू को भविष्य में दोबारा ऐसी गलती ना करने का वचन दिया उसे अपने किए पर बहुत पछतावा हो रहा था।
 
शिक्षा 
सदा सच्चा मित्र बनने का प्रयत्न कीजिए सच्चा मित्र वही होता है ।जो मुसीबत में अपने मित्र की सहायता करता है। अपने मित्र से कभी धोखा मत कीजिए। Moral stories in hindi
 
Disclaimer:- Morel story in hindi for kids and for All 
 
Webuakti Reed:- 
  

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