Covid 19 in Hindi कोरोनावायरस से अपने फेफड़ों को बचाइए

 

Covid 19 कोरोनावायरस

कोरोनावायरस से अपने फेफड़ों को बचाइए 

 

Covid 19 in Hindi कोरोनावायरस से अपने फेफड़ों को बचाइए
Corona-virous

 

जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी ने वर्चुअल रियेलटी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर कोविड-19 से पीड़ित एक व्यक्ति की 3D तस्वीरें बनाए हैं ।यह तस्वीर 50 से 60 साल वाले पुरुष मरीज की है जो 18 मार्च को अस्पताल में भर्ती हुआ बुखार और खांसी के साथ सांस में तकलीफ होने पर पहले उसे किसी और अस्पताल में भर्ती किया गया था।

 

 जहां उसे वेंटिलेटर पर रखा गया लेकिन बाद में फेफड़ों में संक्रमण बढ़ने पर और ज्यादा इंटर्नशिप के वजह से उसे और इलाज की जरूरत थी। तब उसे जॉर्ज वॉशिंगटन अस्पताल लाया गया यहां के डॉक्टरों ने उसे ईसीएमओ में भेजा इसका मतलब है एक्स्ट्राकॉर्पोरियल लाइफ सपोर्ट के नाम से भी जाना जाता है। इस प्रक्रिया में शरीर से रक्त निकालकर उसमें ऑक्सीजन भरा जाता है।और फिर उसी रक्त को दोबारा शरीर में पहुंचा दिया जाता है।

 

 कोविड-19 के मरीज पर इस अस्पताल में इस तकनीक का पहली बार इस्तेमाल किया ।कोविड 19 के वायरस फेफड़े में पहुंचकर उसे नुकसान पहुंचाना शुरू कर देते है ।और तब मरीज को वेंटिलेटर और दूसरे उपकरणों का सपोर्ट देना जरूरी हो जाता है। फेफड़े के एक हिस्से में संक्रमण के कारण शुरू हुआ नुकसान धीरे-धीरे फैलने लगता है और तब बाहर से दिया जा रहा सपोर्ट भी बढ़ाना पड़ता है।

 

 आखिरकार यह अपनी चरम स्थिति में पहुंच जाता है एक स्वस्थ इंसान के फेफड़े और वायरस से संक्रमित मरीज के फेफड़े की स्थिति का फर्क देखने के लिए उन्होंने उनके फेफड़ों की तस्वीर निकली जिसमें उन्होंने पाया कि एक स्वस्थ इंसान के फेफड़े और वायरस से ग्रसित फेफड़े पूरी तरह से दिखाई दे रहे थे। तस्वीरों में साफ साफ नजर आ रहा है ।कोई डॉक्टर ही नहीं आम लोग भी इसके जरिए इस फर्क को समझ सकते हैं वायरस ने इन फेफड़ों को पूरी तरह से जकड़ लिया है और उनके उतकों को क्षति पहुंचा रहा है। यह नुकसान फेफड़े में किसी एक जगह ना होकर दोनों फेफड़ों के पूरे हिस्से में है। इस वक्त दुनिया के डॉक्टरों के पास ऐसी कोई दवा नहीं है जो इस वायरस को इंसान के फेफड़ों तक पहुंचने और उसे नुकसान पहुंचाने से रोक सके फिलहाल इससे बचने के लिए संक्रमण से खुद को दूर रखना ही एकमात्र रास्ता है अपने फेफड़ों को कोरोनावायरस बचाइए।

 

कोरोनावायरस के नए रूप का भयावह रूप  

राजस्थान के कोटा का एक मामला सामने आया है। 35 साल की एक महिला के दोनों फेफड़ो में कोरोना ऐसा फैला की 24 घंटे के अंदर ही उसके दोनों फेफड़े पूरी तरह से खराब हो गए।

डॉक्टरों का कहना है कि वह महिला बिल्कुल ठीक थी उसमें थोड़ी घबराहट थी और उसको सांस लेने में कोई तकलीफ नहीं थी ।और जब वह महिला डॉक्टर के पास गई। तो उसका आक्सीजन लेबल भी सही था ।

डॉक्टर ने उसे देखा वह बिल्कुल ठीक थी और जब उसका एक्स-रे किया गया उसकी रिपोर्ट बिल्कुल ही नॉर्मल थी।उस समय उसकी रिपोर्ट में कोई भी लक्षण दिखाई नहीं दे रहें थे।

 और फिर जब वह महिला वहां से घर गई और दो दिन बाद फिर डाक्टर के पास आई तो उस महिला से चला भी नहीं जा रहा था ।और उस महिला को थोड़ी सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।

उसके दोबारा एक्स-रे करवाएं और उसमें उन्होंने देखा कि कोरोनावायरस ने उसके फेफड़ों को पूरी तरह से जकड़ लिया है। डॉ.ने  C.T स्कैन करवाया। और देखा कि दोनों फेफड़ों में पूरी तरह से निमोनिया से ग्रसित था।

डॉक्टर हैरान थे कि जब वह पहली बार आई बिल्कुल स्वस्थ थी और दो दिन में ही कोरोना के वायरस ने इतना भयावह रूप लिया कि उसके दोनों फेफड़ों पर अपनी जकड़ कर ली। यह कोरोना का सबसे भयावह रूप का रूप था ।

उसके परिवारजनों के भी एक्स रे करवाए गए ।जिसमें पाया गया कि उसके सास-ससुर के शरीर में भी उतने ही तेज कोरोनावायरस ने फेफड़ों को जकडा था, जितना कि उस महिला को था।

अगर देखा जाए तो कोरोना कि शुरुआती लक्षण जैसे कोई लक्षण उनके शरीर में नहीं थे ।उनका ऑक्सीजन लेवल सही था। उन्हें सर्दी नहीं थी उनके गले में खराश नहीं थी। यही पहचान आम इंसान कोरोना की करता है।

डॉ सोच में पड़ गए कि यह कोन सा रूप है ,कोरोना का जो दो दिन में ही आपको पूरी तरह से खोखला कर देगा।

सलाह 

अपने परिवार को और स्वयं को इस कोरोनावायरस से बचाइए।

 Webuakti Reed 

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