Hindi kahani| हिंदी रोमांचित मजेदार कहानी |

hindi kahani बहुत समय पहले एक राज्य पर राज सिंह नाम का एक राजा राज्य करता था। एक दिन वह अपनी प्रजा का हाल-चाल जानने के लिए वेश बदलकर अपने एक सेवक के साथ राज्य के गांव की ओर चल पड़ा

बहुत दूर चलने के बाद राजा थक गया और आराम करने के लिए एक बरगद के पेड़ की छाया में जाकर बैठ गया। उस पेड़ के पास ही एक झोपड़ी थी जिसके अंदर बैठी एक बूढ़ी औरत हां चावल से भूसी अलग कर रही थी ।

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Hindi kahani राजा बड़े ध्यान से उस औरत को एक कोने में भूसी रखते हुए देख रहा था। अचानक उसकी इच्छा भूसी खाने की होने लगी। तब उसने अपने सेवक को आदेश दिया ,”जाकर उस औरत से कुछ भूसी मांग लाओ । आज मेरी भूसी खाने की इच्छा हो रही है।

राजा का आदेश सुनकर सेवक आश्चर्य में पड़ गया वह हिम्मत करके बोला,” महाराज आप जैसे महान राजा को भूसी खाना शोभा नहीं देता ।भूसी तो सूअरों और मवेशियों के खाने की चीज है।” लेकिन राजा ने सेवक की बातों पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया और उसे तुरंत भूसी ले आने को कहा।

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बेचारे सेवक को राजा के आदेश का पालन करना ही पड़ा ।फिर वह बूढ़ी औरत के पास जाकर उससे थोड़ी भूसी मांग लाया। राजा ने उसे बहुत स्वाद लेकर खाया। पेट भर भूसी खाने के बाद राजा अपने सेवक से बोला,” खबरदार तुम मेरे भूसी खाने की बात किसी को बताना मत अगर यह बात किसी दूसरे के कानों तक पहुंची तो मैं तुम्हें फांसी पर लटका दूंगा।”

Hindi kahani सेवक ने राजा की बात पर सहमते हुए अपना सिर हिला दिया ।कुछ समय और घूमने के बाद वे दोनों महल में लौट आए।

राजा की भूसी खाने की बात सेवक के पेट में पच नहीं रही थी। लेकिन राजा के चेतावनी के कारण उसे डर भी लग रहा था ।वह जानता था कि अगर राजा को उसके भूसी खाने का रहस्य खोलने की बात पता चल गई तो वह उसे फांसी पर लटका देगा।

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अंत में उसने किसी एकांत स्थान में जाकर यह बात कहने का निश्चय किया ।फिर वह जंगल में चला गया ।वहां उसने एक खोखला पेड़ देखा जिसके तने में एक छेद था। वह अपना सिर उस छेद में डालकर जोर से चिल्लाया,” हमारा राजा भूसी खाता है! हमारा राजा भूसी खाता है!”

यह बात कहने के बाद उसे बड़ी राहत महसूस हुई। फिर वह चुपचाप महल में लौट आया ।कुछ महीने बाद राजा ने अपनी सेना के लिए एक विशाल नगाड़ा बनवाने का निश्चय किया। राज्य के बढ़ाई नगाड़ा बनाने के लिए उपयुक्त लकड़ी की तलाश में जंगल गए तो इत्तेफाक से उन्होंने उसी पेड़ को चुना, जिसके तने में सील डालकर सेवक ने राजा की भूसी खाने का रहस्य कहा था।

Hindi kahani जल्द ही नया नगाड़ा बनकर तैयार हो गया। राजा ने घोषणा की कि वह उस नगाड़े का उद्घाटन उसे खुद बजाकर करेगा ।निश्चित सारी प्रजा नगाड़े का उद्घाटन देखने के लिए उसके चारों ओर इकट्ठी हो गई ।

ठीक समय पर राजा अपने महल से निकलकर नगाड़ा बजाने वहां पहुंचा उसके नगाड़े पर आघात करते ही तेज आवाज गूंजी,

” हमारा राजा भूसी खाता है! हमारा राजा भूसी खाता है!” राजा के भूसी खाने का रहस्य खुल गया था। Kids story in hindi

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