Hindi horror Stories with moral for kids

Hindi horror Stories with moral for kids बहुत समय पहले एक गांव में गरीब आदमी अपनी पत्नी के साथ रहता था। वह स्वभाव से थोड़ा आलसी था, इसीलिए उसकी बीवी हमेशा उसे उसके आलस के लिए डरती रहती थी।

वह चुपचाप उसकी डांट सुनता रहता था। उसकी पत्नी के ज्यादा नाराज होने पर वह उसकी नजर बचाकर घर से बाहर निकल जाता और तभी घर लौटता, जब उसे लगता कि उसकी बीवी का क्रोध शांत हो गया होगा।

 

एक दिन उसकी बीवी को बहुत गुस्सा आया, और वह घर में रखे सारे बासी चावल एक गठरी में रखकर वह गठरी जबरदस्ती उसके हाथों में थमाती हुई जोर से चिल्लाई ,”जब तक कुछ कमा कर ना ले आओ ,तब तक इस घर में नहीं घुसना ।” यह कह कर उसने भड़क से घर का दरवाजा बंद कर लिया ।

 

ये भी पढ़ें :- भूतिये ढाबे की कहानी एक गरीब भिखारी की कहानी

बेचारा आदमी गठरी में भरे बासी चावल लेकर गांव से बाहर निकल गया वह मन ही मन बहुत दुखी अनुभव कर रहा था, लेकिन वह कर भी क्या सकता था।

Hindi horror Stories चलते चलते वह ऐसी जगह पर जा पहुंचा जहां से तीन रास्ते निकलते थे। उस जगह पर एक विशाल पुराना बरगद का पेड़ भी था, जिसकी छाया में वहां से गुजरते हुए थके-हारे यात्री लेट कर आराम करते थे।

गरीब आदमी भी चलते-चलते बहुत थक गया था और उसके पैर दुख रहे थे। उसने अपने चावलों से भरी गठरी पेड़ की एक डाल में लटका दी और खुद पेड़ के नीचे लेट गया। उसे पता ही नहीं चला कि उसे कब नींद आ गई । वह गहरी नींद में सोता हुआ खर्राटे भरने लगा।

ये भी पढ़ें :- अश्वत्थामा कौन था महाभारत की कहानी का ऐसा सच जिसे आपने सूना नहीं होगा श्रीकृष्ण की योजना की कहानी 

 

Hindi horror Stories उस बरगद के पेड़ पर कुछ भूतों का डेरा था। जब वह सो गया तो उन भूतों ने चावल से भरी गठरी खोल ली। बांसी चावलों की महक उन भूतों को बहुत पसंद आई और वह तुरंत उन चावलों को खाने में जुट गए।

 

उन भूतों को वे चावल बहुत स्वादिष्ट लगे। उन्होंने भूत लोक में बहुत सारे पकवान चके थे, लेकिन उन बांसी चावलों के स्वाद की बात ही अलग थी। उन्होंने खूब चटखारे लेकर वे चावल खाए और अपनी उंगलियां चाटते रह गए। स्वादिष्ट भोजन करके वह भूत बहुत खुश हुए और उन्होंने उस गरीब आदमी को तोहफे में कुछ देने का फैसला किया। वह भूत बहुत स्वाभिमानी थे और किसी का भी एहसान लेना पसंद नहीं करते थे।

ये भी पढ़ें :सेहतनामा में हल्दी वाले दूध के अदभुत फायदे

जब गरीब आदमी की नींद खुली तब उसे बहुत तेज भूख लगी हुई थी। उसने जब अपनी गठरी डाल से उतार कर देखी, तो उसमें चावलों के स्थान पर चार खाली कटोरी रखे थे। भूख से व्याकुल हो रहे गरीब आदमी को उन कटोरो को देखकर बहुत गुस्सा आया और उसने वह कटोरे उठाकर जमीन पर पटक दिए।

 

अगले ही पल उन कटोरो से चार सुंदर अप्सराएं प्रकट हुए। वे अपने हाथों में स्वादिष्ट भोजन से भरी थाली लिए हुए थी।

स्वादिष्ट भोजन की महक से गरीब आदमी की भूख और बढ़ गई। फिर अप्सराओं ने उसे ऐसा भोजन कराया, जैसा उसने अपने जीवन में कभी नहीं किया था। उसे लगा जैसे वह भोजन स्वर्ग से उसके लिए लाया गया है। जब उसने स्वाद पूर्वक भोजन समाप्त कर लिया तो उसकी सेवा करती अप्सराएं उसकी आज्ञा लेकर उन्हीं जादुई कटोरा में समा गई।

ये भी पढ़ें: जाने शरीर में खुन के कमी के लक्षण, कारण और निवारण एनीमिया क्या है ।

गरीब आदमी बड़ी हैरानी से उन जादुई कटोरा को देख रहा था। उसे अपनी किस्मत पर जैसे विश्वास ही नहीं हो रहा था। फिर वह बड़ी प्रसन्नता से वे कटोरे लेकर अपने घर की ओर चल पड़ा।

घर पहुंच कर जब उसने अपनी पत्नी को उन कटोरो के विषय में बताया तो वह भी बहुत खुश हुई उसे विश्वास नहीं हो रहा था कि उसका निठल्ला पति उन जादुई कटोरा को लेकर आया है। उन्होंने वह बर्तन अपने घर के पूजा के स्थान पर रख दिए।

तभी पत्नी ने पति से कहा,” सुनो जी हमने लोगों के घरों में तो दावते खाई हैं, लेकिन हमने खुद कभी किसी को नहीं खिलाया। मेरा तो यही मशविरा है कि पहले हमें पूजा पाठ करके इन जादुई कटोरा से पूरे गांव को दावत खिलानी चाहिए। इसके बाद ही हमें कटोरो को अपने लिए उपयोग करना चाहिए।

 

अपनी पत्नी की बात गरीब आदमी को ठीक लगी उसने निश्चय किया कि गांव के सभी लोगों को दावत देने के बाद ही वे उन कटोरो का अपने लिए उपयोग करेंगे।

 

अगले दिन वह गरीब आदमी सुबह होते ही घर से बाहर निकल पड़ा और घर-घर जाकर गांव के सारे लोगों को अपने घर पर भोजन के लिए आमंत्रित कर आया उस दिन पूरे गांव में इस बात की चर्चा थी सभी लोग उस गरीब का मजाक उड़ाते कह रहे थे,” देखो तो ,इसके पास खुद तो खाने को है नहीं और यह पूरे गांव को दावत देने चला है। लगता है ,इसको पूरे गांव के सामने अपना मजाक उड़ाने का शौक है।”

 

निश्चित समय पर सारे गांव वाले उसके घर पर एकत्रित हो गए। बहुत से लोग तो सिर्फ उसका मजाक उड़ाने के लिए वहां आए थे। लेकिन वहां आकर उन्होंने जो कुछ देखा, उससे वे अपने दांतो तले उंगलियां दबाने के लिए मजबूर हो गए। उन्होंने ऐसा चमत्कार देखा, जैसा उन्होंने अपने जीवन में पहले कभी नहीं देखा था।

 

सभी मेहमानों के आ जाने के बाद गरीब आदमी और उसकी बीवी में चारों खाली कटोरी उनके सामने रख दिए। यह देखकर मेहमान मुंह दबाकर हंसने लगे। फिर गरीब आदमी ने उन कटोरो की पूजा की। उनकी पूजा करने के बाद उसने उन कटोरो से सभी मेहमानों को भोजन कराने का अनुरोध किया। उसके ऐसा कहते ही उन कटोरो से सुंदर अप्सराएं निकल आई। उन अफसरों का सौंदर्य अनुपम था।

Hindi horror Stories पृथ्वी पर इतनी सुंदर स्त्रियां का मिलना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन भी था। उन अफसरों ने पलक झपकते ही मेहमानों के सामने चांदी के थाल लगा दिए ।उन अप्सराओं के हाथ हिलाते ही उन थालों में पकवानों का ढेर लग गया। पकवानों की सुगंध से सभी मेहमानों की तेज भूख लग आई ।

कई पकवान तो ऐसे थे जैसे मेहमानों ने पहले कभी नहीं देखे थे। भोजन इतना स्वादिष्ट था कि सभी मेहमानों ने गले तक भर कर खाना खाया। बहुत से लोगों ने तो इतना खा लिया था कि उनके लिए चलना भी मुश्किल हो गया था। उनके घर के लोगों को उन्हें वहां से उठाकर ले जाना पड़ा।

अगले दिन तो पूरे गांव में हर किसी के मुंह पर गरीब आदमी की दावत की ही बात थी। लोग दावत की तारीफ करते नहीं थक रहे थे। उन्होंने अपने जीवन में कभी इतना स्वादिष्ट खाना नहीं खाया था।

गरीब आदमी के पड़ोस में ही एक सेठ भी रहता था। गांव वालों द्वारा उसकी प्रशंसा के गीत गाने से वह मन ही मन उस से जलने लगा। उन कटोरो का रहस्य जानने के लिए एक दिन वह गरीब आदमी के घर जा पहुंचा। उसने सेठ को भी जादुई कटोरे से कहकर बढ़िया भोजन कराया। उस खाने की तुलना में सेठ को अपने रसोईया का खाना भी फीका लगने लगा ।

जब सेठ ने उससे उन जादुई कटोरा का रहस्य पूछा तो उसने निश्छल मन से उसे सब कुछ साफ-साफ बता दिया।

यह तो बड़ा आसान है!’ सेठ ने सोचा ,’इसमें तो कुछ भी नहीं है।’ यह सोचते हुए सेठ लपककर अपने घर जा पहुंचा उसने रसोइए को तुरंत स्वादिष्ट पकवान पकाने का हुक्म दिया।

फिर से सेठ ने एक बड़ी टोकरी को उन पकवानों से भरा और एक पालकी में बैठकर उसी बरगद के वृक्ष की ओर चल पड़ा ।वहां पहुंच कर उसने अपने नौकरों से वापस लौट जाने को कहा स्वयं उस टोकरी को पेड़ की एक शाखा से लटका कर उसके नीचे लेट गया ।और सोने का नाटक करने लगा ।वह बड़ी उतावली से hindi horror Stories भूतों के आने की प्रतीक्षा कर रहा था। लेटे-लेटे उसे कब नींद आ गई उसे पता ही नहीं चला।

जैसे ही उसकी नींद खुली, वह झटपट उठ बैठा। उसे पास ही चार कटोरी रखे दिखाई दिए। उसकी टोकरी खाली हो चुकी थी । उसे उसकी मुंह मांगी मुराद मिल गई थी। ‘खैर’ इसमें तो मुझे कभी संदेह नहीं था। उसने सोचा ,’आखिर कल मैं उन भूतों के लिए सबसे अच्छे पकवान लेकर आया था।’ तब तक उसके नौकर भी पालकी लेकर लौट आए थे।

 

वह तुरंत उन कटोरो को लेकर पालकी में जा बैठा और वापस लौट पड़ा। इस समय उसकी खुशी का ठिकाना ना था। घर पहुंचते ही उसने अपने परिवार के सभी सदस्यों को बुलाया और उन्हें आदेश दिया कि वह गांव के सभी लोगों को अगले दिन दोपहर में भोजन के लिए आमंत्रित कर दे।

 

अगले दिन सारे गांव वाले ठीक समय पर सेठ के घर में दावत खाने आ पहुंचे। सेठ ने सभी लोगों का स्वागत किया और उन सब को आदर पूर्वक बैठाया। फिर उसके नौकर गाजे बाजे के साथ चारों कटोरो को वहां लेकर आए । उन कटोरो को देखकर वहां मौजूद मेहमानों के मुंह में पानी भर आया।

 

उन्हें गरीब आदमी की दावत का स्वाद अभी तक याद था। सारे मेहमान भोजन करने की पूरी तैयारी के साथ दावत में आए थे। उन्होंने दावत का न्यौता मिलने के बाद से कुछ नहीं खाया था। वे तो इसी इंतजार में थे कि कब उनके सामने भोजन आए और वह कब उस पर टूट पड़े।

 

फिर महंगे कपड़ों में सजा धजा सेठ कटोरो के पास पहुंचा और जोर से बोला,” जादुई कटोरों, यहां आए मेरे सारे मेहमानों की अच्छी तरह खातिरदारी करो।” उसके यह कहने की देर थी कि कई दर्जन हटते कट्टे पहलवान शरीके भूत उन कटोरो से बाहर निकल आए।

उन भूतों को देखकर अच्छे खासे बहादुर आदमी का भी पसीना छूट सकता था। कटोरो से बाहर आते ही वह पहलवान सरीखे भूत भूखे मेहमानों और मेजबान पर टूट पड़े ।उन्हें चमचमाते हुए उस्तरे निकाले और वहां मौजूद सारे मेहमानों और यहां तक कि सेठ का सिर भी मूंड दिया।

इतना ही नहीं उन्होंने वहां मौजूद औरतों और लड़कियों को भी नहीं छोड़ा । Hindi horror Stories भूतों ने सभी लोगों के सर इतनी अच्छी तरह से मूड़ें थे कि वे पीतल के चमचमाते हुए कटोरो की तरह लग रहे थे। फिर उन भूतों ने हर एक मेहमान की चांद पर चपत लगाकर उन्हें घर से बाहर निकाला।

 

एक भूत घर के बाहर एक बड़ा सा शीशा लेकर खड़ा हुआ था। घर से निकलने वाले हर मेहमान को वह शीशे में उसकी शक्ल दिखाता जाता। उस दिन के बाद उन सभी मेहमानों ने यह कसम खा ली थी कि वह जीवन में फिर कभी किसी दावत में नहीं जाएंगे।

Reed Also:- kids story in hindihealth tips in hindi / love story in hindi 

Leave a Comment