Hindi kahani for kids | जैसे को तैसा | kids story in hindi

 hindi kahani for kids  बहुत समय पहले की बात है एक कुम्हार ने अपने बेटे की शादी एक गांव में तय कर दी। उस गांव में एक निवासी था। शादी के बाद नव दंपति को पैदल या हाथी पर बिठा कर पूरे गांव में घुमाया जाता था।

 

 उनके साथ उनके नाते रिश्तेदार और घर की औरतें मंगल गीत गाती हुई चलती थी। तरह-तरह के वाद्य यंत्र बजाते हुए बाजे वाले भी जुलूस के साथ साथ होते थे। कुम्हार ने भी अपने बेटे की शादी के मौके पर उसे और दुल्हन को हाथी पर बिठाकर गांव में घुमाने का फैसला किया।

 

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  Hindi kahani for kids उसी गांव में सलीम नाम का एक आदमी रहता था। सलीम ने अपने घर में एक हाथी पाल रखा था। कुम्हार अपने बेटे के विवाह जुलूस के लिए हाथी किराए पर लेने सलीम के पास पहुंचा। उसने सलीम से दो घंटे के लिए हाथी देने के बदले पांच सोने के सिक्के देने का प्रस्ताव रखा। सलीम ने पैसों के बदले उसे हाथी दे दिया।

 

उस रात गांव में कुमार के बेटे और उसकी वधू का विवाह जुलूस निकला। दूल्हा और दुल्हन हाथी के पीठ पर बैठे हुए थे। जुलूस के आगे तरह-तरह के बाजे बजाते हुए बैंड वाले चल रहे थे। शहनाई की मधुर ध्वनि बहुत ही अच्छा वातावरण उत्पन्न कर रही थी। जुलूस में शामिल

 

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 महिलाओं के चेहरे खुशी से दमक रहे थे। जुलूस धीरे-धीरे गांव के बाजार की ओर बढ़ रहा था। तभी जुलूस के साथ चल रहा हाथी जोर-जोर से चिंघाड़ने लगा। फिर वह अचानक वहीं बैठ गया और दम तोड़ दिया ।

 

 

फिर तो जुलूस में कोलाहल मच गया यह सब देखने वाले लोग तरह-तरह की बातें करने लगे। कुम्हार भी इस घटना से बहुत दुखी हो गया क्योंकि वह जानता था कि उस उसे सलीम को हाथी का मुआवजा देना पड़ेगा ।

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Hindi kahani for kids फिर कुमार सलीम के घर जाकर उससे बोला,” आपके हाथी की मृत्यु में हमारा कोई दोष नहीं है । फिर भी वहां की हमारे जुलूस में चलते हुए मरा है, इसीलिए मैं हर्जाना देने को तैयार हूं। मैं हाथी की पूरी कीमत दे दूंगा उसके बदले तुम्हें दूसरा हाथी खरीद कर दे दूंगा ।“

 

लेकिन सलीम ने उसकी बात नहीं मानी और बोला,” मुझे हर्जाना नहीं चाहिए। मुझे तो अपना हाथी ही वापस चाहिए।“ कुम्हार ने उसे समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। फिर वह अदालत जा पहुंचा और कुमार के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवा दी।

 

  तब न्यायाधीश ने कुम्हार बुलाकर उसका बयान लिया। उसने अपनी सफाई देते हुए कहा ,” महोदय मैंने हाथी अपने बेटे की शादी के जुलूस के लिए किराए पर लिया था। मैंने उसे जानबूझकर नहीं मारा। गांव के सारे लोग इस बात के गवाह हैं।

 इसके बाद भी मैं उसे दूसरा हाथी या उसकी कीमत देने को तैयार हूं।“

 

 

 Hindi kahani for kids तब  न्यायधीश ने कहा,” सलीम बात तो यह सही कह रहा है। फिर तुम इसकी बात क्यों नहीं मानते ? तुम इससे पैसे या दूसरा हाथी ले लो और मामला खत्म करो।“ लेकिन सलीम ने न्यायधीश की बात भी नहीं सुनी। वह इस बात पर अड़ा रहा कि उसे अपना जिंदा हाथी ही वापिस चाहिए।

 

 

तब न्यायधीश ने मामले की सुनवाई अगली सुबह तक स्थगित कर दी। जब सलीम वहां से चला गया तो न्यायधीश ने कुम्हार को अपने कमरे में बुलाकर कहा,” कल तुम अदालत मत आना बल्कि अपने घर में ही रहना। लेकिन याद रहे कि तुम्हें घर का दरवाजा बंद नहीं करना है बल्कि दरवाजे के पास बहुत से मिट्टी के बर्तन रख देने हैं।

 

 

 कल मैं सलीम को तुम्हें लाने के लिए तुम्हारे घर भेजूंगा। जब वह जोश में तुम्हारे घर का दरवाजा खोलकर अंदर घुसेगा तो तुम्हारे सभी बर्तन टूट जाएंगे। फिर तुम चिल्ला चिल्ला कर अपने पड़ोसियों को इकट्ठा कर लेना और कहना कि वह बर्तन तुम्हारे पूर्वजों ने तुम्हें दिए थे। तुम उससे अपने बर्तन वापिस मांगना और उसके उन्हें ना लौटा पाने पर मेरे पास आकर इस बात की शिकायत करना ।

 

 Hindi kahani for kids यह समझा कर न्यायधीश ने कुम्हार को उसके घर भेज दिया। अगली सुबह जब सलीम अदालत में पहुंचा तो योजना के अनुसार न्यायाधीश ने उसे कुम्हार को उसके घर से लाने के लिए भेज दिया। सलीम दौड़ता हुआ कुमार के घर में घुस गया जिससे उसके बर्तन टूट गए। फिर कुम्हार उससे अपने टूटे हुए बर्तन वापस मांगने लगा।

 

 

 सलीम भला टूटे हुए बर्तन कैसे लौटता ? उसने कुम्हार से बर्तनों की कीमत या नए बर्तन ले लेने को कहा लेकिन वह नहीं माना । फिर कुम्हार ने न्यायधीश के पास पहुंच कर उससे सलीम की शिकायत कर दी।

 

तब न्यायधीश सलीम से बोला,”  पहले तुम इसके टूटे हुए बर्तन वापस करो । तभी यह तुम्हारे हाथी को जिंदा लौटआएगा । लेकिन ध्यान रखना, अगर तुम वे  बर्तन नहीं लौटा सके तो तुम्हें कोई हर्जाना नहीं मिलेगा।“ यह सुनकर सलीम में सिर झुका लिया। इस प्रकार, ज्यादा होशियारी दिखाने की फिराक में उसे हर्जाना भी गंवाना पड़ा।

 

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