Horror story in hindi for kids| Horror story in hindi |

 

                  भाग गया ब्रह्मराक्षस

Horror story in hindi for kids बहुत समय पहले एक गांव में एक धनी जमीदार रहता था। उसके पास धन -दौलत की कोई कमी नहीं थी लेकिन वह बहुत ही कंजूस था। कोई भी आदमी उसके खेतों में काम करने के लिए आसानी से तैयार नहीं होता,था।

क्योंकि सभी लोग जानते थे। कि वह कितना कंजूस है। और अगर कभी कोई तैयार हो भी जाता था।तो वह जल्दी ही काम छोड़ कर भाग जाता था। अंत में एक समय ऐसा भी आया। कि उसके पास काम करने वाला कोई भी आदमी नहीं बचा ।

धीरे-धीरे उसकी खेती बाड़ी समाप्त हो गई।और परिणामस्वरूप उसकी जमा धन संपत्ति भी धीरे-धीरे समाप्त होने लगी

लेकिन इसके बाद भी उस कंजूस जमीदार ने अपना स्वभाव नहीं बदला। वह मजदूरों को उनकी मजदूरी के सही पैसे देने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं था।धीरे-धीरे गांव के मजदूर भी काम धंधे की तलाश में अपना घर बार छोड़कर शहर की ओर जाने लगे।

यह देखकर कंजूस जमीदार बहुत ही निराश हो।गया।

Horror story in hindi for kids     एक दिन एक साधु उस गांव में आया। कंजूस जमीदार ने उस साधु से मिलकर अपनी समस्या उसके सामने रखी।वह साधु उसकी बात ध्यान पूर्वक सुनकर बोला वत्स चिंता मत करो मैं तुम्हें एक मंत्र बताऊंगा। जिससे तुम्हारी समस्या दूर हो जाएगी तुम उस मंत्र का पाठ तीन महीने तक दिन-रात करना तब तुम्हारे सामने एक ब्रह्मराक्षस प्रगट होगा। सौ नौकरो के समान ताकत रखने वाला वह ब्रह्मराक्षस तुम्हारे सभी आदेशों का पालन करेगा।

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फिर साधु की विधिवत पूजा पाठ करके वह मंत्र उस कंजूस जमीदार को दे दिया अब तो जमीदार बहुत खुश हुआ और वह उसी दिन से मंत्र जपने में जुट गया चौथे महीने के पहले दिन ही उसके सामने एक भयानक राक्षस प्रगट हुआ और बोला स्वामी बताइए मेरे लिए आपका क्या आदेश है।

आपने तीन महीने तक मेरे आह्वान मंत्र का जाप किया है। इसका क्या कारण है उधर जमीदार उस विशालकाय भयानक ब्रह्मराक्षस को देखकर थर थर कांप रहा था।उसकी गरजती आवाज को सुनकर तो वह और भी घबरा गया। फिर भी वह अपनी घबराहट छिपाने की कोशिश करता हुआ। बोला “आज से तुम मेरे गुलाम हो। और तुम्हें मेरे सभी आदेशों मानने पड़ेंगे।

जमीदार की बात सुनकर ब्रह्मराक्षस ने कहा,यह तो मेरा कर्तव्य है कि उसने भी मेरा आवाहन मंत्र का सफलतापूर्वक पाठ किया है, मैं उसके आदेशों का पूरी तरह से पालन करूं लेकिन मेरी एक शर्त है। तुम्हें मुझे हर समय किसी -न- किसी काम में व्यस्त रखना पड़ेगा। अगर तुमने मुझे कोई काम नहीं दिया तो मैं तुम्हें मार कर खा जाऊंगा।

Horror story in hindi for kids उसकी बात सुनकर कंजूर जमीदार मन- ही -मन हंसता हुआ सोचने लगा, मेरे पास तो ऐसे दस बहाराक्षसो के लिए काम है। यह सोचकर उसने तुरंत ब्रह्मराक्षस की शर्त मान ली। फिर वह उस ब्रह्मराक्षस को अपने तालाब के पास ले जाकर बोला, “यह तालाब कई सालों से सूखा पड़ा है। तुम इस तालाब को दो पेड़ों की ऊंचाई जितना गहरा बना दो। फिर इससे किनारों की मरम्मत करके इसे पानी से भर दो। जो हुक्म मेरे मालिक, ब्रह्मराक्षस बोला,मैं अभी आपकी हुक्म को पूरा करता हूं

ब्रह्मराक्षस को यह आदेश देखकर जमीदार खुशी-खुशी अपने घर चला गया सोच रहा था कि ब्रह्मराक्षस को उसका बताया काम पूरा करने में कुछ साल नहीं तो कुछ महीने तो अवश्य लगेंगे, क्योंकि वह विशाल तालाब दो मील लंबा और एक मील चौड़ा जब वह घर पहुंचा तो उसकी पत्नी ने खाना तैयार करके रखा हुआ था।

Horror story in hindi अब निश्चिंचत होकर अपनी पत्नी के साथ स्वादिष्ट भोजन करने लगा। अभी वह भोजन समाप्त भी नहीं कर पाया था कि ब्रह्मराक्षस वापस लौटाया आया। जमीदार कुछ बोल पाता, इसके पहले ही ब्रह्मराक्षस बोल पड़ा मालिक आपका बताया काम मैंने पूरा कर दिया है। अब मुझे कोई नया काम बताइए आप तो जानते ही हैं मैं काम के बिना नहीं रह सकता।

उसकी बात सुनकर जमीदार भौचक्का रह गया। उसे विश्वास ही नहीं हो रहा था। कि जो काम पूरा करने में कई मजदूरों को भी बरसो लग जाते, उसे उस ब्रह्मराक्षस ने इतनी जल्दी खत्म कैसे कर दिया है। अब तो उसे अपने प्राणों का भय सताने लगा। वह पछता रहा था कि आखिर ब्रह्मराक्षस को बुलाया ही क्यों।अब तो उसकी जान पर ही बन आई थी

फिर भी वह कुछ सोचकर ब्रह्मराक्षस से बोला, बिना देखे मैं तुम्हारी बात कैसे मान लूं? ऐसा न हो कि तुमने काम पूरा किया ही नहीं ना हो और यहां आकर कह रहे हो कि तुमने सारा काम खत्म कर दिया है।पहले मुझे तालाब पर ले चलो।

मैं देखकर ही तुम्हारी बात पर विश्वास करूंगा।तब ब्रह्मराक्षस उसे तालाब के पास ले गया। उस तालाब को पानी से भरा और उसके किनारों की मरम्मत पूरी हुई देखकर जमीदार का मुंह आश्चर्य से खुल गया।फिर उसने ब्रह्मराक्षस को आदेश दिया, तुम तुरंत जाकर मेरे सारे खेतों को जोत डालो,”ब्रह्मराक्षस तुरंत अपना सिर झुकाकर यह काम भी पूरे करने चल दिया।

लेकिन ब्रह्मराक्षस के काम की गति को देखते हुए कंजूस जमीदार समझ गया कि उसे वह कार्य करने में अधिक समय नहीं लगेगा। फिर जमीदार शीघ्रता से अपने घर जा पहुंचा। उसकी पत्नी बेसब्री से घर पर उसकी प्रतीक्षा कर रही थी जमीदार ने सारी समस्या अपनी पत्नी को बता डाली।

बोलते बोलते उसकी आंखों से आंसू बहने लगे। तब उसकी पत्नी ने उसके आंसू पोछती हुई बोली घबराइए मत स्वामी। आपके पास जितना भी काम है वह सब उससे करा लीजिए जब आपके पास कोई काम ना बचे तो आप उस। ब्रह्मराक्षस को मेरे पास भेज दीजिएगा। मैं उसे से ऐसा काम दूंगी।कि वह एक क्या सात जन्म में भी नहीं कर पाएगा।मेरे पास उसके लिए ऐसा काम है कि वह यहां से तुरंत भाग जाएगा।

लेकिन घबराए हुए जमीदार को उस समय अपनी पत्नी के दिलासा भरे शब्द भी खोखले लगे।

और चुपचाप बैठकर ब्रह्मराक्षस के लौटने की प्रतीक्षा करने लगा।थोड़ी ही देर बाद वह ब्रह्मराक्षस लौट आया। और हाथ जोड़कर बहुत विनम्रता से बोला मेरे मालिक मैंने आप का बताया हुआ दूसरा काम भी पूरा कर दिया।आप मुझे फिर से कोई काम बताए जमीदार ने कहा अब मेरे पास तो कोई काम नहीं है ।

इसलिए मेरी पत्नी के पास चले जाओ वही तुम्हें कुछ काम दे देगी यह सुनकर ब्रह्मराक्षस जमीदार की पत्नी के पास जा पहुंचा और बोला,” मालकिन मालकिन मालिक ने मुझे आपके पास कुछ काम के लिए भेजा है।” ब्रह्मराक्षस की बात सुनकर जमीदार की पत्नी अपने सिर से एक बाल तोड़कर राक्षस को देती हुई बोली मैं तुम्हें बिल्कुल आसान काम दे रही हूं तुम इस बाल को सीधा करके ले आओ”।

ब्रह्मराक्षस वह बाल ले कर हंसता हुआ चला गया।और पीपल के वृक्ष की छाया में बैठकर वह बाल सीधा करने की कोशिश करने लगा। लेकिन कई बार कोशिश करने के बाद भी बाल सीधा नहीं हुआ।

तभी उसे याद आया कि सुनार तांबे के तारों को सीधा करने के लिए उन्हें आग पर तपाते हैं।यह सोचकर ब्रह्मराक्षस ने आग लगाई जलाई और बाल को उस में डाल दिया। पलक झपकते ही वह बाल भस्म हो गया।

फिर तो ब्रह्मराक्षस बहुत घबराया और सोचने लगा।अब मैं कौन सा मुंह लेकर मालकिन के पास जाऊं? यह सोचकर वह चुपचाप वहां से भाग गया और कभी लौटकर जमीदार के पास नहीं गया।

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