हिंदी में कहानी | kids story in hindi|

हिंदी में कहानी ‍बंदर की परेशानी in

kids story in hindi शोलिंगर में एक पहाड़ी के ऊपर हनुमान जी का एक प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। उस पहाड़ी पर बहुत सारे बंदर रहते हैं। यह बंदर हमेशा आस-पास के गांव वालों को डराते रहते हैं। और उन्हें परेशान करते रहते हैं ,बंदरों द्वारा लोगों को परेशान करने के पीछे एक रहस्य है।

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बहुत समय पहले उस गांव में एक बूढ़े दंपति रहते थे ,जो अपने घर में मिठाईयां बनाकर और उन्हें बाजार में बेच कर अपनी जीविका चलाते थे। बूढ़ी औरत रोज बढ़िया, स्वादिष्ट मिठाइयां बनाकर अपने पति को देती थी ,और वह उन्हें बेचकर घर के खर्चे के लिए पैसा कमा कर लाता था ।बुढ़िया की बनाई मिठाईयां इतने मशहूर थी कि जो भी व्यक्ति मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करने आता वह उस बूढ़े आदमी की दुकान में जाकर मिठाईयां जरूर खरीदा था। बूढ़े आदमी की मिठाइयां दूर-दूर तक प्रसिद्ध थी।

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Kids story in hindi एक दिन जब बूढी औरत मिठाईयां बनाकर उन्हें अपने पति को देने दुकान की ओर जा रही थी। तभी बीच रास्ते में उसे एक पत्थर से ठोकर लगी और उसकी सारी मिठाईयां मिट्टी में जा गिरी। बूढ़ी औरत की सारी मेहनत पर पानी फिर गया। वह मिठाइयों को जमीन पर पड़े देख कर बहुत दुखी हुई और जोर से चिल्लाई ,”देखो मेरी परेशानी की हालत! यह क्या हो गया ? अब मुझे दोबारा सारी मेहनत करनी पड़ेगी।” फिर वह मिठाइयों का है दूसरा थैला लाने के लिए घर की ओर चल पड़ी।

बुढि़या को पता नहीं था कि पास ही एक पेड़ पर बैठा बंदर उसकी सभी गतिविधियों को ध्यान से देख रहा है ।जैसे ही वह वहां से गई, वह बंदर पेड़ से उतर आया और बड़े ध्यान से मिठाइयों को देखने लगा। फिर उसने एक मिठाई को उठा कर सूंघा तो उसकी आंखें चमक उठी। वह समझ गया था कि वह कोई खाने की चीज है उसने एक मिठाई उठाकर अपने मुंह में रख ली।

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Kids story in hindi वह उसे बहुत ही स्वादिष्ट लगी फिर उसने गपा गप दो मिठाइयां और खा ली । मिठाइयां इतनी स्वादिष्ट थी कि उसका मन और भी मिठाइयां खाने को ललचाने लगा। उसने कुछ मिठाईयां खाई और अभी मिठाइयों को मजा ही ले रहा था कि तभी उसके साथी बंदर भी वहां आ पहुंचे।

यह देखकर बंदर ने जल्दी-जल्दी कुछ मिठाई अपने हाथों में दबाए और दौड़कर एक पेड़ पर चढ़ गया । फिर वह उन्हें खाते हुए सोचने लगा,’ यह चीज जो भी हो, लेकिन है बहुत स्वादिष्ट ।अगर रोज इसी तरह की चीज खाने को मिले तो मजा आ जाए। लेकिन मुझे रोज इतनी स्वादिष्ट चीज देगा कौन?’

तभी उसे उस बुढ़िया की बात याद आ गई, जो कह रही थी,” देखो मेरी परेशानी की हालत!”

उसने सोचा,’ जरूर इस चीज का नाम परेशानी है।’

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फिर बंदर ने बाजार जाकर ‘परेशानी’ लाने का फैसला किया और बुढ़िया का थैला उठाकर बाजार की ओर चल पड़ा। वह परेशानी को खाने के लिए बहुत बेसब्र था ‌वह पूरी तेजी से बाजार की ओर भागा जा रहा था।

उधर बाजार में बूढ़े आदमी की दुकान के सामने काफी भीड़ एकत्र हो गई थी। लोग बड़ी बेसब्री से बुढ़िया के मिठाई लेकर आने की प्रतीक्षा कर रहे थे।

वह हैरान हो रहे थे कि आखिर बुढ़िया अभी तक आई क्यों नहीं। ऐसा पहली बार हुआ था कि बुढ़िया को बाजार आने में इतनी देर हो गई थी ।इत्तेफाक से थैला लिए हुए बंदर सबसे पहले बूढ़े की दुकान के सामने ही जा पहुंचा। बुढ़े की भी नजर बंदर पर पड़ गई ।वैसे तो बुढ़े ने बंदर पर ध्यान नहीं दिया होता, लेकिन जब उसने बंदर के हाथ में मौजूद थैले को देखा तो वह चौंक पड़ा ।

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Kids story in hindi उसी थैले में तो उसकी पत्नी मिठाइयां लेकर आती थी वह समझ नहीं पा रहा था कि आखिर वह थैला बंदर के हाथ में कैसे पहुंच गया।

बूढ़ा यह जानने के लिए बड़ी उत्सुकता के साथ बंदर की ओर दौड़ा ।बूढ़े आदमी को अपनी तरफ आते देख कर बंदर उससे बोला ,,”ऐ बुढ़े, मुझे कुछ परेशानी दे दो । मुझे परेशानी का स्वाद बहुत अच्छा लगता है। अब मैं परेशानी खाकर ही अपनी पेट भरा करूंगा।”

बूढ़े आदमी को बंदर की बात बिल्कुल समझ नहीं आई वह समझ नहीं सका कि आखिर बंदर परेशानी किस चीज को कह रहा है इसलिए बंदर से बोला “साफ-साफ बताओ ,तुम्हें क्या चाहिए? पहेलियां बुझाने में काम नहीं चलेगा। मुझे तो यही समझ नहीं आता कि तुम बंदर लोग आखिर बाजार में क्या करने चले आते हो ? तुम्हें तो जंगल में रहना चाहिए।”

तब बंदर बोला,” एक बुढ़िया इस थैले में परेशानी भरकर आ रही थी । अचानक उसका पैर एक पत्थर से टकराया और वह गिर पड़ी ।उसकी सारी परेशानियां बिखर गई ।मैंने कुछ परेशानियां खाकर देखी। वे बहुत ही स्वादिष्ट थी ।इसीलिए मैं कुछ और परेशानियां लेना चाहता हूं ।”

बंदर की बात सुनकर बूढ़ा आदमी सारी बात समझ गया। उसने बंदर से पूछा,” क्या तुम जानते हो कि परेशानी क्या है?”

बंदर बड़ी व्यग्रता से बोला ,”हां ,वह बहुत स्वादिष्ट चीज है ।अब तुम जल्दी से मुझे परेशानियां दे दो। और हां या काम जरा जल्दी करो ।मेरे पास वक्त नहीं है ।”

तब बूढ़ा आदमी दुकान के अंदर घुस गया और थोड़ी देर में एक बोरा लेकर बाहर निकला। उस डोरे का मुंह बंधा हुआ था ।बूढ़े ने वह बोरा बंदर के हवाले कर दिया ।

बंदर तुरंत बुरा लेकर चल पड़ा ।उस बोरे का वजन बहुत ज्यादा था और उसके भार से बंदर की कमर झुकी जा रही थी। लेकिन बंदर को परेशानी खाने कितने तीव्र लालसा थी कि वह उस बोरे की वजन की जरा सी भी परवाह नहीं कर रहा था।

जब वह चलते-चलते थक गया तो उसने एक पेड़ के नीचे रुका आराम करने का फैसला किया ।वह बोरे को अपने पास ही रख कर पेड़ की छाया में जा लेटा ।

Kids story in hindi तभी उसके मन में परेशानियां खाने की इच्छा हुई। लेकिन जैसे ही उसने बोरे का मुंह खोला, मिठाइयों के स्थान पर दो खतरनाक शिकारी कुत्ते निकल कर उस पर झपट पड़े। उन कुत्तों के खतरनाक दांत और नुकीले पंजे देखकर बंदर की सिट्टी पिट्टी गुम हो गई और वह डर के मारे चीखता हुआ वहां से भागा ।लेकिन कुत्तों ने उसे खदेड़ कर पकड़ लिया।

उन्होंने बंदर को धरती पर पटक कर उसे घसीटा और फिर उसे बुरी तरह नाचने -घसोटने लगे। बेचारा बंदर दर्द से बुरी तरह चीख रहा था ।

वह समझ गया कि अगर वह जल्दी वहां से भागने में सफल नहीं हुआ तो वह कुत्ते उसे जान से मार डालेंगे ।वह पूरी ताकत लगाकर कुत्तों की पकड़ से निकल भागा और उछलकर एक पेड़ पर जा चढ़ा।

कुत्ते उसके पीछे दौड़े, लेकिन बंदर पेड़ की सबसे ऊंची दाल पर चढ़ गया उसने कुत्तों की पकड़ से बाहर निकल कर ही दम लिया।

उस दिन के बाद से बंदर पेड़ों पर ही रहते हैं और खुद को परेशानियों से दूर रखने की कोशिश करते हैं ।

शायद यही कारण है कि अपनी बेइज्जती का बदला लेने के इरादे से हुए मनुष्यों को भी परेशान करते रहते हैं। kids story in hindi

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